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Pm Vishwakarma Yojana

PM Vishwakarma Yojana

हमारे देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी ने अपने 73वें जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) शुरू की थी। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपए का बजट भी जारी किया था। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरी से जुड़े कारीगर और हस्तशिल्प श्रमिकों को प्रशिक्षण, प्रमाण-पत्र और ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है, ताकि उपरोक्त लोग आसानी से जीवनयापन कर सके। इस योजना के प्रथम चरण में सरकार द्वारा कारीगरों और श्रमिकों को 1 लाख रुपए तक का ऋण दिया जाता है, जबकि योजना के दूसरे चरण में 2 लाख रुपए का ऋण 5 फ़ीसदी की ब्याज दर पर दिया जाता है, इस प्रकार, पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत श्रमिकों व कारीगरों को करीब 3 लाख रुपए तक का ऋण प्राप्त होता है और अधिक कुशल कारीगरों को इस  योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए तक का ऋण भी प्राप्त हो सकता है। इसके साथ ही अगले 5 सालों तक करीब 30 लाख परिवारों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ किस मिलेगा?

पीएम विश्वकर्मा योजना का फायदा सरकार द्वारा विश्वकर्मा समुदाय की करीब 140 से अधिक जातियों को दिया जा रहा है, ताकि देश में हस्तशिल्प, कारीगरी और कौशल को बढ़ावा मिल सके। इस योजना के अंतर्गत मोदी सरकार करीब 18 पारंपरिक कारीगरी से जुड़े कामों के लिए ऋण उपलब्ध कराती है।

सोनार

चर्मकार

राज मिस्त्री

बढ़ई

कुम्हार

मूर्तिकार

नाई

धोबी

दर्जी

मोची

लोहार

कारपेंटर

राज मिस्त्री आदि

पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ पाने के लिए आवश्यक पात्रता

इस योजना का लाभ पाने के लिए  कारीगरों और शिल्पकारों का भारत का स्थायी नागरिक होना आवश्यक है।

पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को मिलता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ केवल देश के कारीगरों और शिल्पकारों को मिलेगा।

इस योजना का लाभ पाने के लिए आपके पास पारंपरिक कारीगरी से जुड़े कौशल का अनुभव अवश्य होना चाहिए।

पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

पहचान पत्र

ई-श्रम कार्ड

मजदूरी कार्ड

राशन कार्ड

जॉब कार्ड

जाति प्रमाण पत्र

निवास प्रमाण पत्र

पासपोर्ट साइट फोटो

बैंक अकाउंट

मूल निवास

आधार कार्ड

पैन कार्ड

पासपोर्ट साइज फोटो

मोबाइल नंबर

पीएम विश्वकर्म योजना के अंतर्गत क्या फायदा प्राप्त होता है?

पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से कारीगरों और शिल्पकारों को बुनियादी प्रशिक्षण और उन्नत प्रशिक्षण देने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है और इसके साथ ही रोजाना 500 रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इस प्रकार इस योजना के अंतर्गत कारीगरों व श्रमिकों को प्रशिक्षण के आधार पर करीब 15000 रुपए तक की प्रोत्साहन राशि प्राप्त होती है। पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) के अंतर्गत कारीगरों और शिल्पकारों को जरूरी उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।

विश्वकर्मा योजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होने के बाद कारीगरों को उचित प्रमाण पत्र भी दिया जाता है, जिससे वह आसानी से अपना रोजगार शुरू करके आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इसके साथ ही कारीगरों को इस योजना के अंतर्गत आईडी कार्ड भी दिए जाते हैं और उन्हें केंद्र सरकार के MSME से जोड़कर  कुशल कारीगरी से जोड़े जाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि वह पारंपरिक कारीगरी से जुड़कर अपना व्यवसाय आरंभ कर सके। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता व प्रशिक्षण देने के अलावा मार्केटिंग सपोर्ट भी प्रदान किया जाता है, ताकि कारीगरों को व्यापार आरंभ करने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो

पीएम विश्वकर्मा योजना का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरी से जुड़े लोगों को अपना व्यापार शुरू करने के लिए उचित प्रशिक्षण और आर्थिक मदद दी जाती है, जिससे वह आसानी से अपना व्यवसाय शुरू करके आर्थिक और सामाजिक रूप से विकसित बन सकें और देश के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने हेतु देश के पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रदान करना है, ताकि बेरोजगारी दर कम हो सके और समाज में रोजगार के अनेक साधन मौजूद हो सके।

पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत किसे लाभ नहीं मिलेगा?

पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उन लोगों को फायदा नहीं प्राप्त होता है जिनके परिवार की वार्षिक आय 1,80,000 रुपए प्रतिवर्ष से कम है।

इसके साथ ही सरकारी पद पर कार्यरत और आयकर दाताओं को भी पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) के अंतर्गत जरूरी सुविधाएं नहीं मिलती हैं।

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लाभार्थियों को दिया जाता है जो पारंपरिक कारीगरी से जुड़कर अपना व्यवसाय आरंभ करना चाहते हैं।

जिन लोगों के पास ई-श्रम कार्ड है उन्हें भी पीएम विश्वकर्मा योजना का फायदा प्राप्त होगा।

पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ पाने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण PM Vishwakarma Yojana Registration सुनिश्चित कराना होगा। इस दौरान आपको आधिकारिक वेबसाइट के home page पर जाकर इस योजना के अंतर्गत Apply बटन पर click करना होगा। इसके बाद आपको अपनी सारी आवश्यक जानकारी भरकर User id  और password बनाने के बाद आवेदन फॉर्म भरना होगा। इस दौरान आपको अपनी सारी जानकारी सही-सही भरकर अपना मोबाइल नंबर या आधार नंबर दर्ज करके Application form को Verify कराना होगा।

इस योजना से जुड़े आवेदन पत्र को भरने के दौरान आपको अपने जरूरी दस्तावेज Online Upload भी करने पड़ सकते हैं। इसके बाद आपको विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत सर्टिफिकेट Download करने के बाद अपनी digital ID मिल जाएगी। उपरोक्त digital id का प्रयोग करके आपको योजना के अंतर्गत उचित प्रशिक्षण प्राप्त होता है और आप योजना का पूर्णता लाभ उठा सकते हैं।

पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आवेदन फॉर्म भरने के बाद आपकी जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा, इसके बाद आप अपनी आवेदन संख्या के माध्यम से यह जान सकते हैं कि आपको इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त होगा या नहीं? हालांकि आपकी सारी जानकारी ठीक होने के बाद व आपके आवेदन फार्म की जांच ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिले के  संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापित किए जाने के बाद आपको आसानी से इस योजना का लाभ प्राप्त हो जाता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) के अंतर्गत यदि आप अपनी पात्रता जानना चाहते हैं, तो नजदीकी जन सेवा केंद्र में जाकर आप संबंधित अधिकारी को अपने जरूरी दस्तावेज दिखा सकते हैं, जिनको Verify करने के बाद आप इस योजना के पात्र लाभार्थी सिद्ध हो जाते हैं।

इस प्रकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक राज्य में रहने वाले कारीगरों और शिल्पकारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है, इस योजना के अंतर्गत अब तक अनेक कारीगरों और शिल्पकारों के जीवन में परिवर्तन आया है और अब वह देश के विकास में योगदान देते हुए आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

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