इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले एवं छोटे दुकानदारों को कम ब्याज दर पर छोटी राशि का कर्ज उपलब्‍ध कराया जाता है। सड़क किनारे ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वाले , फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकान वाले इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

लॉकडाउन के कारण रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा है । इनकी आजीविका को पटरी पर लाने के लिए पी० एम० स्‍वनिध‍ि योजना शुरू की गई है। योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार से हैं :
अधिकतम 10 हजार रुपये तक का लोन जिसके लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं । अर्थात यह अनसिक्‍योर्ड लोन होगा। । समय से कर्ज का भुगनान करने वालों को ब्‍याज में खास छूट का प्रावधान है।
योजना के सभी वर्गों में आवेदन प्राप्त/ स्वीकार करने एवं ऋण वितरित करने में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम रहा है। योजना के अंतर्गत 622167 आवेदन प्राप्त हुए, 346150 अनुमोदित हुए और 226728 को ऋण प्राप्त हुआ । देश के 10 शीर्ष लाभार्थी शहरों में ग़ाज़ियाबाद और कानपुर को मिला कर उत्तर प्रदेश के 7 शहर शामिल हैं। प्रथम 3 शहरों में वाराणसी, लखनऊ एवं अलीगढ आते हैं। चौथा ,सातवां , नौवां और दसवां स्थान क्रमशः प्रयागराज, गोरखपुर, ग़ाज़ियाबाद और कानपुर का है ।
अंतिम सूचना मिलने तक लगभग 3 लाख ठेले वालों को कर्ज दिया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि सामान्यतः यह स्वरोज़गारी वर्ग सूदखोरों के चंगुल में फंस जाता है। उन्‍हें सूदखोरों के जाल से बचाना इस योजना की अभिनव उपलब्धि है।

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( उ.  प्र.)  चुनावी  सर्वेक्षण  2022
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