भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां अधिकतर आबादी खेती पर निर्भर है। देश के प्रत्येक राज्य में खेती की जाती है। किसान दिन-रात मेहनत के साथ खेतों में काम करके फसल उगाते हैं, लेकिन समस्या तब आती है जब उनकी उगाई हुई फसल कोई आवारा पशु या जंगली जानवर खा जाए या बर्बाद कर दे। इन समस्याओं का सामना करने के लिए बड़े किसान तो अपने खेतों के चारों ओर बाड़ लगा देते हैं लेकिन छोटे किसान पैसों की कमी के कारण यह नहीं कर पाते। गुजरात सरकार ने इस समस्या को समझा और तार फेंसिंग योजना (Tar Fencing Yojana) की शुरुआत की। इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों के चारों ओर बाड़ लगाने के लिए आर्थिक सहायता के रूप में सब्सिडी प्रदान की जाती है। तो दोस्तों, आज के लोक पहल के इस लेख में आप जानेंगे कि कैसे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, कैसे इस योजना में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इस योजना में आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़ क्या हैं?
तार फेंसिंग योजना क्या है?
तार फेंसिंग योजना (Tar Fencing Yojana) की शुरुआत वर्ष 2005 में गुजरात सरकार द्वारा की गई थी। इस योजना के तहत किसानों को खेतों के चारों ओर 'तार की बाड़' लगाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के द्वारा खेत के चारों ओर बाड़ के लिए उपयोग किए जाने वाले कंटीले तार की कुल लागत का अधिकतम 50% या ₹200 प्रति रनिंग मीटर में से जो भी कम हो, वह राशि किसानों को सब्सिडी के रूप में प्रदान की जाती है, जिससे किसान कम लागत में अपने खेतों की रक्षा कर सकें। इससे किसान के खेत पूरी तरह सुरक्षित होते हैं और उत्पादन में भी वृद्धि हो जाती है।
तार फेंसिंग योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसलों को आवारा पशुओं, जंगली जानवरों और अतिक्रमण से बचाना है। अक्सर किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त मेहनत और संसाधनों की आवश्यकता होती है, जिससे उनकी लागत बढ़ जाती है। तार फेंसिंग योजना (Tar Fencing Yojana) के तहत सरकार किसानों को खेतों के चारों ओर कंटीले तार की बाड़ लगाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इससे न केवल फसल की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त श्रम और नुकसान से भी बचाव मिलता है। यह योजना किसानों की आय में वृद्धि करने, उत्पादन को बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
तार फेंसिंग योजना के लिए क्या पात्रताएं होनी आवश्यक हैं?
- आवेदक किसान गुजरात का स्थायी निवासी होना चाहिए
- आवेदक किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए
- आवेदक किसान के पास अधिकतम 2 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि होनी चाहिए।
- बाड़ का निर्माण राज्य सरकार के दिशा निर्देश अनुसार होना चाहिए
तार फेंसिंग योजना के लिए कौन-से दस्तावेज आवश्यक हैं?
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- भूमि संबंधित दस्तावेज
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
तार फेंसिंग योजना की आवेदन प्रक्रिया क्या है?
- सबसे पहले आपको सरकार द्वारा शुरू की गई आधिकारिक वेबसाइट https://ikhedut.gujarat.gov.in/ पर जाना है
- वहां आपको योजनाओं के विकल्प पर Click करना है
- उसके पश्चात आपको "खेतीवाड़ी नी योजना" के विकल्प पर Click करना है
- अब आपको "तारनी वाड़" के विकल्प पर Click करना है
- इतना करने के बाद आपके सामने "अर्जी करो" का विकल्प आ जाएगा, जिस पर आपको Click करना है
- उसके पश्चात आपको "नवी अर्जी करो" पर Click करना है
- अब आपके सामने एक आवेदन फॉर्म खुल जाएगा, जिसमें आपको अपनी सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरनी है
- इतना करने के बाद आपको अपने संबंधित दस्तावेजों को अपलोड करके "सेव करो" के विकल्प पर Click करना है
तार फेंसिंग योजना के आवेदन की स्थिति कैसे जानें?
- सबसे पहले आपको सरकार द्वारा शुरू की गई आधिकारिक वेबसाइट https://ikhedut.gujarat.gov.in/ पर जाना है
- उसके पश्चात आपको "स्टेटस तपासवा" के विकल्प पर Click करना है
- अब आपको योजना का नाम चुनना है
- उसके पश्चात आपको रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार कार्ड नंबर और Captcha कोड डालकर "स्टेटस तपासो" के विकल्प पर Click करना है, जिसके बाद आपके सामने आवेदन की स्थिति आ जाएगी
निष्कर्ष
तार फेंसिंग योजना (Tar Fencing Yojana) किसानों के लिए एक प्रभावी पहल है, जो उनकी फसलों को जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाने में मदद करती है। इस योजना के माध्यम से सरकार किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी खेती को सुरक्षित और अधिक उत्पादक बना रही है। इससे न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी और उन्हें बार-बार होने वाले फसल नुकसान से राहत मिलेगी। यह योजना कृषि क्षेत्र में स्थायी सुधार लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर साझा करें, ताकि वे भी इस योजना का लाभ उठा सकें।