बिजली/सौर ऊर्जा

हर गांव, हर मजरे, हर घर तक पहुंची बिजली

11 नये पारेषण (ट्रांसमिशन) उपकेन्द्र क्रियाशील।

सभी आबाद 1 लाख 4 हजार 636 राजस्व गांव एवं 2 लाख 84 हजार मजरे विद्युतीकृत।

वर्तमान में कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 28,422 मेगावाट हुई, जो पूर्व की क्षमता से लगभग 06 हजार मेगावाट अधिक है।

सौभाग्य योजना के तहत 1.41 करोड़ घरों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन।

673 नये 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रो की स्थापना एवं 1347 उपकेंद्रों की क्षमता में वृद्धि।

किसानों और गरीबों को सस्ती बिजली देने के लिए 12,500 करोड़ रूपये की सालाना सब्सिडी। किसानों को अब 1.20 रुपये प्रति यूनिट बिजली मुहैया। 

2 करोड़ 93 लाख 52 हजार उपभोक्ताओं को नियमित विद्युत कनेक्शन।

जिला मुख्यालयों में 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18-20 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हुई।

01 लाख 36 हजार 775 निजी नलकूपों को कनेक्शन दिया गया।

उत्पादन क्षमता में 8,262 मेगावट की अभिवृद्धि के लिए विभिन्न परियोजनाएं अन्तिम चरण में।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर क्रमश: 48 घंटे एवं 24 घंटे के अंदर मरम्मत अथवा नये ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी।

बुन्देलखण्ड के किसानों को बिजली बिल के निर्धारित शुल्क में 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक की छूट।

चार वर्ष में पारेषण (ट्रांसमिशन) क्षमता में 53 प्रतिशत वृद्धिा।

रामनगर, वाराणसी  में  बायोगैस प्लांट स्थापना का कार्य प्रगति पर। प्लांट सौ मीट्रिक टन कचरे से चार हज़ार क्यूबिक मीटर बायोगैस बनाएगा, जिससे बनी बिजली का उपयोग पराग डेयरी करेगी।

रू. 6100 करोड़ की पारेषण (ट्रांसमिशन) परियोजनाओं का पी.पी.पी मोड पर कार्य।

घट बैठे ऑनलाइन विद्युत संयोजन के लिए ई-संयोजन ऐप योजना लागू।

एकमुश्त समाधान योजना में 67 लाख 9 हजार 767 उपभोक्ताओं को ब्याज में छूट।

21 लाख 25 हजार 543 उपभोक्ताओं के घरेलू विद्युत बिलों पर सम्पूर्ण सरचार्ज माफ।

किसानों के 39,767 निजी नलकूपों के बिजली बिल पर सम्पूर्ण सरचार्ज माफ किया गया।

7786.52 सर्किट किलोमीटर 33 के.वी. लाइनों का निर्माण।

24 जनपदों में 32 स्थानों और 68 सर्किल में भूमिगत केबिल का कार्य पूर्ण हुआ।

सौर ऊर्जा

‘नयी सौर ऊर्जा नीति’ के अन्तर्गत 1535 मेगावाट के 7500 करोड़ रु. के प्रस्ताव स्वीकृत। 420 मेगावाट क्षमता की 24 सौर ऊर्जा (सोलर पावर) परियोजनाएं संचालित। सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़कर अब 1350 मेगावाट हुआ। सौर ऊर्जा इकाई की स्थापना पर स्टाम्प शुल्क में शत प्रतिशत छूट। 235 मेगावाट क्षमता के सोलर रूफटॉप स्थापित।

पं.दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत ग्रामीण बाजारों में 25569 सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयीं।

जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन नीति के अन्तर्गत 2492 करोड़ रु. का निजी निवेश आमन्त्रित।

19,579 सोलर पम्प सिंचाई युनिट लगायी गई।

मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य विकास योजना में चयनित राजस्व ग्रामों में 13,791 सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना।

720 करोड़ रु. से 180 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पाद इकाइयां स्थापित।

 

प्राथमिक विद्यालयों में अब तक 3400 सोलर आर.ओ. वाटर संयंत्रों की स्थापना।

बुन्देलखण्ड में 4 हजार मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं संचालित।

वाणिज्यिक भवनों में ऊर्जा बचत हेतु ‘ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता 2018’ लागू।

गरीब ग्रामीण परिवारों के घरों में एक लाख 80 हजार सोलर पावर पैक संयंत्र स्थापित।

ग्रामीण क्षेत्रों में मार्ग प्रकाश व्यवस्था हेतु 25,777 सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयीं।

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( उ.  प्र.)  चुनावी  सर्वेक्षण  2022
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