up bhagya lakshmi yojna
हमारे समाज में एक दौर ऐसा भी था जब लड़कियों की शिक्षा को लेकर अधिक जागरूकता नहीं थी। जिस वजह से प्राय: घरों में ऐसा होता था, कि लड़कों की तुलना में लड़कियों की शिक्षा पर कम ध्यान दिया जाता था। आज भी कई घरों में ऐसा ही देखने को मिलता है, जहां घर-परिवार के लोग लड़कियों की शिक्षा को अधिक महत्व नहीं देते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की योगी सरकार केंद्र सरकार के 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के विजन को पूरा करने के लिए बेटियों के हित में अनेक लाभकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका उद्देश्य प्रदेश की बेटियों के भविष्य को संवारकर उन्हें समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रेरित करना है। बेटियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'भाग्यलक्ष्मी योजना 2023' की शुरुआत की गई है। इस योजना के माध्यम से योगी सरकार प्रदेश की बेटियों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने का प्रयास कर रही है। उत्तर प्रदेश भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत योगी सरकार प्रदेश की लड़कियों को पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, ताकि प्रदेश की बेटियां बिना किसी रुकावट के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और जीवन में कुछ हासिल कर सके। आगे इस लेख में भाग्यलक्ष्मी योजना से जुड़ी सारी आवश्यक जानकारियों के बारे में जानेंगे। उत्तर प्रदेश भाग्यलक्ष्मी योजना के अंतर्गत योगी सरकार बीपीएल कार्ड धारकों की बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा पूरी होने तक उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत योगी सरकार बेटी के जन्म के समय उसके भरण पोषण के लिए 50 हजार रुपए देती है और माता के आहार व पोषण के लिए 5100 रुपए देती है। फिर जब लड़की 6वीं कक्षा में आती है, तब उसे 3000 रुपए, कक्षा 8 में 5000 रुपए, कक्षा 10 में 7000 रुपए और 12वीं की पढ़ाई के लिए 8000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके बाद बेटी की आयु जब 21 वर्ष हो जाती है और तब तक उसकी शादी नहीं हुई होती है, तब सरकार बेटी की शादी के लिए 2 लाख रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए केवल वही परिवार आवेदन कर सकता है, जिनके पास बीपीएल कार्ड है और जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपए से कम है। उत्तर प्रदेश भाग्यलक्ष्मी योजना का लाभ पाने के लिए बीपीएल कार्ड धारक परिवार को बेटी के जन्म के 1 साल के अंदर पंजीकरण कराना आवश्यक है, अन्यथा आप उत्तर प्रदेश भाग्य लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। इस योजना के अंतर्गत योगी सरकार एकमुश्त राशि बेटियों के खाते में हस्तांतरित करती है, ताकि प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली बेटियों की शिक्षा में किसी प्रकार का कोई व्यवधान ना आए और समाज में लड़का-लड़की का भेदभाव समाप्त हो। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा भाग्यलक्ष्मी योजना शुरू की गई है। भाग्यलक्ष्मी योजना का लाभ एक परिवार की दो बेटियों को ही मिल सकता है, और इस योजना का लाभ लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्ची के जन्म के समय टीकाकरण करवाना अनिवार्य है, इसके बिना आप भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही भाग्यलक्ष्मी योजना का लाभ 2006 के बाद जन्म लेने वाली बच्चियों को ही मिलेगा और इसके लिए बच्ची का जन्म होने के एक साल के भीतर उसका आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीयन कराना भी आवश्यक है। उत्तर प्रदेश भाग्यलक्ष्मी योजना के आवेदन हेतु आवेदक बच्ची का आधार कार्ड, परिवार का आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक की पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर इत्यादि, दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है। इसके साथ ही यदि किसी कारणवश पात्र बालिका की बीमारी की वजह से मृत्यु हो जाए, तो योगी सरकार 42,500 रुपए बालिका के परिवार को देगी। पात्र बालिका की आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर भाग्यलक्ष्मी योजना के अंतर्गत योगी सरकार 1 लाख रुपए देगी। इसके अलावा यदि किसी कारणवश पात्र बालिका को कोई बीमारी हो जाती है, तो यूपी सरकार भाग्यलक्ष्मी योजना के अंतर्गत 25000 रुपए की सहायता देती है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुसार, भाग्यलक्ष्मी योजना 2023 के माध्यम से बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और साथ ही बालिकाओं के स्वर्णिम भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की गई है, ताकि गरीब घर की बेटियां भी पढ़-लिखकर जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकें। माता-पिता बच्ची के जन्म पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

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( उ.  प्र.)  चुनावी  सर्वेक्षण  2022
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